By: Roshan Choudhary | June 20, 2016

मिथिला राज्यक निर्माण लेल विभिन्न तरहे आन्दोलन भ' रहल अछि। जेना धरना प्रदर्शन, सोशल साईट सँ ल' क' मिथिलामें  रथ यात्रा निकलि क' लोगके जागरूक केनाई, कोनो ठाम सेमीनार क' क' , कोनो ठाम ज्ञापन द' क', कोनो ठाम अनशन कए क' मिथिला राज्यक मांग भ' रहल अछि। मिथिला  राज्यक मांग भारतके  अजादी'क समय सँ भ' रहल  अछि अर्थात मिथिला राज्यक मांग बहुत पुरान अछि, सरकार सुतल अछि लेकिन मिथिला लोक (मैथिलि-मिथिलानी) मिथिला राज्य लेल हिंसाक रस्ता नञिं अपनेलक। 

              मैथिल-मिथिलनी अलगाववादी नञिं भ' सकए छथि। बिना कोनो हिंसाक सहारा लेने शांतिपूर्ण संवेधानिक तरीका सँ मिथिला राज्यक मांग केनाई कोनो तरहक अलगाववादी निशानी नञिं छै। मैथिल-मिथिलानी दू देश (भारत-नेपाल) में बाँटल गेला ओहो बातके स्वीकार क' लेने छथि। सीमा पर रहए बाला समुदाय एतेक सहिष्णु छथि जे दू देशमें रहित...